मीना मंच से बालिका शिक्षा को है आगे बढ़ाना-मनोज कुमार बोस

सत्यबन्धु भारत। अंकित वर्मा
कछौना,हरदोई। बीआरसी कछौना के अंतर्गत शुक्रवार को कछौना के सभी 126 विद्यालयों में मीना का जन्मदिन बहुत उत्साह और हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया।
विद्यालयों में इस अवसर पर केक काटने के साथ महिला सशक्तिकरण और मिशन शक्ति को ध्यान में रखते हुए मीना फिल्म दिखायी गई। बच्चों को केक और टाफियां बांटी गयी।यूनीसेफ की एक परियोजना संयुक्त राष्ट्र ने 1990 - 2000 को बालिका दशक मनाने का
निर्णय लिया था। युनीसेफ ने सबसे पहले बंगलादेश टीवी के साथ मिलकर पहली बार 24 सितंबर 1993 में बालिकाओं की शिक्षा, लैंगिक असमानता, स्वास्थ्य, बालविवाह जैसे मुद्दों पर कार्टून फिल्म दिखायी थी। बीबीसी रेडियो ने इसका आडियो श्रृंखला शुरू किया था। उसके सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए न केवल भारत बल्कि दक्षिण एशिया के सभी देशों में इस कार्यक्रम को प्रसारित किया गया। युनीसेफ ने भारत में शिक्षा विभाग, दूरदर्शन और आकाशवाणी के सहयोग से हर
किशोरी तक मीना का संदेश पहुंचाया।
उत्तर प्रदेश के सभी उच्च प्राथमिक व प्राथमिक विद्यालयों में मीना मंच का गठन है। उसकी सुगमकत्री बच्चों के नामांकन, उपस्थिति और नेतृत्व कौशल जैसे मुद्दों पर विद्यालय में हर शनिवार मीटिंग करती है। मीना एक काल्पनिक पात्र है। वह बहादुर है, समस्याओं का समाधान खोजती है, कुप्रथाओं और अंधविश्वास का विरोध करती है। उसका एक भाई है राजू और दोस्त है मिट्ठू तोता।
इसको केन्द्रीय पात्र बनाकर बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, समानता,
अंधविश्वास, दहेज व बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर पहले 12 और अब 36 से ज्यादा कहानियों तथा फिल्मों की रचना भी की गई है। विकास क्षेत्र के सभी विद्यालयों छात्र-छात्रओं ने मीना के जन्मदिवस का बहुत आनंद लिया व मीना के चरित्र से प्रेरणा लेने का प्रण लिया । खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार बोस ने कछौना विकास क्षेत्र के सभी विद्यालयों में शानदार कार्यक्रम आयोजन के लिए बधाई दी है।
