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सत्यबन्धु भारत
न्यूज़ डेस्क। आज के हाईटेक जमाने में जहाँ एक तरफ हम सब आधुनिकता की तरफ बढ़ रहे हैं, वहीँ कुछ चीजें अभी भी पुराने तरीकों से ही चली आ रही हैं. दरअसल, हम बात कर रहे हैं यूपी पुलिस विभाग में मिलने वाले साइकिल भत्ते की. क्योंकि एक तरफ अपराधी गाड़ियों में घुमते हैं, वहीँ दूसरी तरफ आज भी सिपाहियों को सिर्फ साइकिल भत्ता दिया जाता है. बाइक से चलने के लिए उन्हें अपनी जेब से पेट्रोल दिया खरीदना पड़ता है. ऐसे में कुशीनगर जिले के एक थाना प्रभारी ने सिपाहियों को मोटर साइकिल भत्ता देने की मांग उठाई है. इसके लिए उन्होंने एक लेटर भी लिखा है जोकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
पत्र में लिखा ये
जानकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल पत्र SHO थाना कोतवाली पडरौना ने जिले के एसपी को लिखा है. जिसमे उन्होंने बीट सिपाही के लिए पेट्रोल का इंतेज़ाम करने की बात कही है. इस लेटर में लिखा है कि ‘थाना स्थानीय पर इस समय कुल 74 बीट प्रचलित हैं, जिस वजह से 74 मोटर साइकिल की जरूरत है. वर्तमान समय में हाई तक युग है. अपराधी लग्जरी गाड़ियों और रेसर बाइक से अपराध करके भागते हैं, ऐसे में उनका पीछा करना सिर्फ बाइक से संभव है. साइकिल से चलने का प्रचलन अब ख़त्म हो चुका है. ऐसे में बीट पुलिस अधिकारी को हर सप्ताह दस लीटर पेट्रोल की जरूरत है. जिसकी लगत तकरीबन एक हजार रूपये है.’

पुलिसकर्मी कर रहे हैं विरोध
बता दें कि हाल ही में कई अभियानों के तहत पुलिसकर्मियों ने साइकिल भत्ते का विरोध भी किया था क्योंकि हर जगह मोटर साइकिल का इस्तेमाल होता है जोकि पुलिसकर्मी अपनी जेब से भरते हैं. साइकिल भत्ते के रूप में सिपाहियों को दो सौ रूपये हर महीने मिलते हैं. अब देखने वाली बात ये होगी कि कुशीनगर के थाना प्रभारी के पत्राचार के बाद सिपाहियों को मोटर साइकिल का पैसा मिलेगा या नहीं.
