| ( Image Source : ITBP Twitter ) |
सत्यबन्धु भारत
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ने लद्दाख पुलिस के साथ मिलकर रविवार शाम को 17 गांववालों को बचाया. ये सभी लोग रुम्बोक गांव इलाके में बादल फटने के दौरान लापता हो गए थे. आईटीबीपी ने एक ट्वीट कर बताया कि बहादुर नॉर्थ वेस्ट फ्रंटियर आईटीबीपी स्पेशल रिस्पांस एंड रेस्क्यू टीम ने लद्दाख राज्य पुलिस की सहायता करते हुए 17 गांववालों को बचाने में मदद की, जो रुम्बोक गांव क्षेत्र में बादल फटने की घटना के बाद से लापता थे.
इससे पहले आज बॉर्डर पुलिस ने बताया कि लद्दाख की ज़ांस्कर नदी के किनारे रूंबक गांव से आईटीबीपी और स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की टीमों की तरफ से 14 लोगों को बचाया गया है. ये सभी लोग झील के फटने के कारण अचानक आई बाढ़ की चपेट में आ गए थे.
रूंबक के पास एक आर्टिफिशियल झील बनी
लेह के जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने शनिवार को जानकारी दी कि रूंबक के पास एक आर्टिफिशियल झील फट गई है, जिसके चलते सिंधु नदी में रुकावट पैदा हो गई है और क्षेत्र में एक आर्टिफिशियल झील बन गई है. सूचना और जनसंपर्क विभाग (डीआईपीआर लेह) ने ट्वीट कर कहा कि अलर्ट!!! सीईओ, डीडीएमए लेह से प्राप्त जानकारी के अनुसार रूंबक के पास एक आर्टिफिशियल झील का विस्फोट हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप सिंधु नदी में रुकावट पैदा हो गई है और क्षेत्र में एक आर्टिफिशियल झील का निर्माण हो रहा है और नदी में बनी आर्टिफिशियल झील कभी भी फट सकती है.
