लेटेस्ट खेल समाचार कोरोना देश राज्य क्राइम बिजनेस दुनिया नॉलेज ऑटो दुर्घटना ट्रेंडिंग लाइफ स्टाइल धर्म करियर टेक मनोरंजन

पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों से फिलहाल नहीं मिलेगी राहत, वित्त मंत्री ने बताई ये वजह



सत्यबन्धु भारत

पेट्रोल और डीजल (Petrol and Diesel Prices Rise) की कीमतें अब बेलगाम हो चुकी हैं। तेल की कीमतें अपने सार्वकालिक उच्चस्तर पर हैं। महंगाई से परेशान आम जनता सरकार से राहत की उम्मीद लगा रही है, जबकि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को साफ तौर पर कहा कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में कोई कटौती नहीं की जाएगी।

वित्त मंत्री ने पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों को कम करने के लिए उन पर उत्पाद शुल्क में कटौती से इनकार करते हुए कहा कि पूर्व में ईंधन पर दी गई भारी सब्सिडी के एवज में किए जा रहे भुगतान से उनके हाथ बंधे हैं। उन्होंने कहा कि मैं पिछली यूपीए सरकार द्वारा खेली गई चालबाजी नहीं अपना सकती हूं।


निर्मला सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकारों ने सरकारी तेल कंपनियों को ईंधन के कृत्रिम रूप (Artificially) से कम रखे गए खुदरा बिक्री मूल्य और लागत में अंतर की भरपाई के लिए बांड जारी किए थे। ये तेल बांड अब परिपक्व हो रहे हैं और इनका ब्याज के साथ भुगतान किया जा रहा है।


सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार ने इन तेल बांड के लिए पिछले पांच साल में 62,000 करोड़ रुपये से अधिक ब्याज का भुगतान किया है और अभी भी 1.30 लाख करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि अगर मुझ पर तेल बांड के लिए भुगतान करने का बोझ नहीं होता तो मैं ईंधन पर उत्पाद शुल्क कम करने की स्थिति में होती।


वित्त मंत्री ने कहा कि लोगों का चिंतित होना सही है। जब तक केंद्र और राज्य कोई रास्ता नहीं निकालते, इसका कोई समाधान संभव नहीं है। ईंधन पर उत्पाद शुल्क में फिलहाल कोई कटौती नहीं की जाएगी। आपको बता दें कि देश में तेल की कीमतें इस समय रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं और विपक्षी नेता केंद्र से पेट्रोल और डीजल की लागत को कम करने के लिए टैक्स में कटौती की मांग कर रहे हैं।