सत्यबन्धु भारत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान मंडल के मॉनसून सत्र के पहले दिन विधान परिषद में कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर सपा सदस्यों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं हो सका।
पूर्वान्ह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने प्रश्नकाल के तहत निर्धारित सवाल पूछने को कहा, तभी सपा सदस्य नरेश उत्तम पटेल ने प्रदेश में बच्चियों के साथ हो रहे कथित बलात्कार की घटनाओं का मुद्दा उठाया।
सभापति ने उन्हें रोकते हुए कहा कि यह प्रश्न काल है। इस मुद्दे को शून्य प्रहर में सुना जाएगा। सभापति के आग्रह के बावजूद सपा सदस्यों ने अपने सवाल जारी रखे। सभापति ने सदन को व्यवस्थित करने को कहा मगर सपा सदस्य हाथों में तख्तियां और बैनर लिए सदन के बीचोंबीच आ गए।
हंगामा न थमता देख सभापति ने सदन की कार्यवाही 11 बज कर पांच मिनट पर आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही अधिष्ठाता जयपाल सिंह व्यस्त के सभापतित्व में दोबारा शुरू हुई। मगर सपा के सभी सदस्य शोर शराबा करते हुए एक बार फिर सदन के बीचोबीच आ गए। इस पर सदन की कार्यवाही 30 मिनट के लिए और स्थगित कर दी गई। इस तरह प्रश्नकाल नहीं हो सका।
अपराह्न 12 बजकर सात मिनट पर सदन की कार्यवाही कुंवर मानवेंद्र सिंह के सभापतित्व में शुरू हुई। इस दौरान सदन के पूर्व सदस्य अनुराग शुक्ला, नैपाल सिंह, महेंद्र प्रताप नारायण सिंह, चौधरी लेखराज सिंह, भगवती सिंह, रामचंद्र वाल्मीकि, विजय सिंह राणा, कुंवर धीरेंद्र बहादुर सिंह और फजले मसूद तथा वर्तमान सरकार के राज्य मंत्री विजय कश्यप के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए कुछ क्षण खड़े होकर मौन धारण किया गया।
