लेटेस्ट खेल समाचार कोरोना देश राज्य क्राइम बिजनेस दुनिया नॉलेज ऑटो दुर्घटना ट्रेंडिंग लाइफ स्टाइल धर्म करियर टेक मनोरंजन

कोटेदार की दबंगई, खुलेआम कर रहा घटतौली

 सब कुछ जानने के बाबजूद कार्यवाही  की जगह पूर्ति निरीक्षक सदर कर रहे देखने की बात ग्राम पंचायत बेहटागोकुल कोटेदार पूरा नही मिलता खाद्दान्न तो किसी भी कीमत पर लाभार्थियों को नही देंगे पूरा राशन




सत्यबन्धु भारत। सन्दीप कुमार

बाबन,हरदोई। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत एक तरफ जहां सरकार सबको अन्न सबको राशन देने के लिए कोई कसर नही छोड़ रही तो दूसरी तरफ गरीबों के हक पर बाबन ब्लॉक के कोटेदार खुलेआम डंका डाल रहे है। 

प्रधानमंत्री अन्न महोत्सव के दूसरे दिन ही कोटेदार गरीबों के राशन डकारते दिख रहे हैं।

जनपद में खाद्य एवं रसद विभाग की लचर कार्यशैली व तहसील सदर पूर्ति निरीक्षक की मिली भगत के चलते दबंग कोटेदार की मनमानी से कार्ड धारकों को वजन से प्रति यूनिट 1 किलो खुलेआम कम राशन मिल रहा है। बेहटागोकुल थानाक्षेत्र व बावन ब्लॉक की ग्राम पंचायत बेहटागोकुल मजरा यासीनपुर की कोटेदार अर्चना भारती के पति शरण बाबू राशन लेने वालों को प्रति यूनिट 01 किलो खुलेआम कम राशन दे रहे हैं। 

बहीं इस संदर्भ में जब पूर्ति निरीक्षक सदर से बात की तो उन्होंने भी गोलमोल जबाब देते हुए जांच करने की बात कही।

ग्राम पंचायत बेहटागोकुल के मजरा कटौनाखेड़ा, यासीनपुर के कार्डधारक ममता, सुरेश,ललित व अन्य ग्रामीणों के अनुसार दबंग कोटेदार खुलेआम कम राशन दे रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कोरोना की महामारी के इस दौर में जबकि हमारे पास और कोई चारा नहीं है ऐसे समय में कोटेदार अर्चना भारती के द्वारा कम राशन देने से भूखमरी की नौबत आ जाएगी। जब कोटेदार के द्वारा दिया गया राशन को तौला तो 7 यूनिट पर 35 किलो गेहूं की जगह 30 किलो,30 किलो की जगह 26 किलो,10 किलो की जगह 09 किलो राशन निकला। 

ग्राम पंचायत बेहटागोकुल मजरा यासीनपुर की कोटेदार अर्चना भारती के पास 256 पात्र गृहस्थी कार्ड व 69 अंत्योदय कार्ड है। कुल लाभार्थियों की संख्या 1397 है। प्रति यूनिट 01 किलो राशन कम देने पर पर एक माह में 02 बार वितरित राशन में कोटेदार 27 कुंतल 84 किलो का खुलेआम घोटाला कर रहा है। 

उक्त के संदर्भ में जब जिला पूर्ति अधिकारी संजय पांडेय से बात हुई तो उन्होंने कोटेदार के पति को डांटा व कार्यवाही की बात कही। लेकिन फोन पर वार्ता में भी कोटेदार के पति ने लाभार्थियों को कम राशन देने की बात स्वीकार की।

जब जिला पूर्ति अधिकारी संजय पांडेय से ही कोटेदार का पति फोन पर कह रहा कि सर ज्यादा कम थोड़ी न दे रहे हैं तो सोंचिये कि किस तरीके से जनपद में राशन दुकानों पर दबंग कोटेदार घटतौली कर रहे होंगे व गरीबों के हक पर डांका डाल रहे होंगे।

कार्ड धारकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया गया कि कोटेदार के पति खुलेआम कम राशन देते हैं। 

जब कई कार्ड धारकों ने इसका विरोध किया तो कोटेदार बदतमीज़ी पर उतर आया,कहने लगा गोदाम से ही कम राशन मिलता है हम किसी भी कीमत पर पूरा राशन नही देंगे। जबकि शासन ने पूरा राशन वितरण के लिए निर्देश दिया है तो आखिर शासन के द्वारा कार्ड धारको को वितरित किए जाने वाले राशन में कोटेदार किसकी शह पर वजन से कम राशन दे रहा है। मामला संज्ञान में आने पर जिला पूर्ति अधिकारी संजय पाण्डेय कार्यवाही उक्त कोटेदार पर बास्तब में करते हैं या नही?