
सत्यबन्धु भारत
मशहूर शायर मुनव्वर राना (Munawwar Rana) के बेटे तबरेज राना (Tabrez Rana) को आखिर कोर्ट से राहत मिल गई है. सीजीएम कोर्ट ने आज उन्हें 20-20 हजार के दो मुचलके पर जमानत दे दी. करीब 18 घंटे जेल में काट चुका तबरेज रात 8 बजे तक रायबरेली जेल से रिहा हुए. जेल से निकलने के बाद तबरेज राना ने अपने पिता के बयान से उलट बयान देते हुए कहा मुझे उत्तर प्रदेश में डर नहीं लगता.
मुन्नवर राना द्वारा शायरी करते हुए पीएम को याद करने के मामले पर तबरेज ने कहा कि वो अपने पिता के साथ पीएम नरेंद्र मोदी से मिल चुके हैं. पीएम ने उन्हें काफी वक्त दिया था, जिसके वह शुक्रगुजार हैं. साथ ही यह भी कहा कि पिता को पहले करीब रहने वाले योगी जी को याद करना चाहिए था, लेकिन फिर भी पीएम ने उन्हें भरोसा दिया था कि जब भी मदद चाहिए होगी तब याद करना. तबरेज ने ये भी कहा कि उसकी फ्रेंड सर्किल में हिन्दू दोस्त बहुत जिन्होंने बहुत मदद की है. मुन्नवर राना द्वारा अपनी जमीन अपने भाईयों को न देकर मन्दिर में दान करने के बयान पर तबरेज ने कहा कि उनके इस बयान के बाद कोई उनको राष्ट्रद्रोही नहीं कहेगा.
एक दिन पहले ही लखनऊ से गिरफ्तार हुआ था तबरेज
बुधवार शाम रायबरेली कोतवाली की पुलिस और स्वॉट टीम ने लखनऊ स्थित तबरेज के फ्लैट से उसे गिरफ्तार किया था. रात करीब 8 बजे के आसपास पुलिस उसे रायबरेली लेकर पहुंची थी और सीजीएम कोर्ट में उसे पेश किया था जहां कोर्ट ने केस डायरी आदि तलब करते हुए तबरेज को जेल भेज दिया था. आज तबरेज की ओर से उसके वकील ने जिरह किया और अंत में कोर्ट ने 20 हजार के दो जमानत पर उसे जेल से रिहा करने का निर्देश दिया है.
अपने चार चाचा और चचेरे भाई पर जानलेवा हमले का लगाया है आरोप
बता दें कि तबरेज ने बीती 28 जून को लखनऊ-प्रयागराज हाइवे पर त्रिपुला चौराहे पर स्थित एक पेट्रोलपंप के बाहर जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उसने एफआईआर में अपने चार चाचा और एक चचेरे भाई को हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया था. पुलिस ने पेट्रोलपंप और आसपास के सीसीटीवी के फुटेज देखने के बाद तबरेज को ही खुद हमले की साजिश रचने का आरोपी पाया था. पुलिस ने इस साजिश में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज चुकी है.
