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नाबालिग बच्चों से काम करा कर बच्चों के जीवन के साथ किया जा रहा खिलबाड़



सत्यबन्धु भारत

बिलग्राम,हरदोई। बिलग्राम कस्बे में कोरोना संक्रमण के बाद बचपन काम के बोझ तले पिस रहा है। बाल मजदूरी पर पाबंदी के बावजूद कूड़ा कचरा व कई दुकान, होटल, मोटर पार्टस शॉप और मशीनरी वर्क बच्चों के सहारे किए जा रहे हैं। इसलिए बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। खास बात यह है कि श्रम एवं बचपन बचाने के लिए गठित संस्थाएं इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं कर रही हैं। कस्बे के सब्जी की दुकान लगाना व कारखाना, होटल, ढाबा, किराना दुकान, जूस दुकानें, ऑटो पार्ट्स की दुकानों ऑटो रिक्शा पर नाबालिग लड़कों से काम कराया जा रहा है। पढ़ने-लिखने की उम्र में बच्चों के हाथों में कलम और किताबें होना चाहिए। लेकिन वर्तमान में उनके हाथों मोटर पार्ट्स के सामान और मशीनों पर चल रहे हैं। जिससे उनके भविष्य को बिगाड़ा जा रहा है। मुख्य बाजार,में नाबालिक बच्चों से सब्जी व कचरा कूड़ा का काम कराया जा रहा है वही चौराहा, छोटे छोटे बच्चे भगवान की मूर्ति रखकर पैसे मागने का काम तो किया जा रहा है बस स्टैंड,हो या हलवाई की दुकान पर बाल मजदूरी आम है। दुकानों पर मजदूरी करने वाले इन बच्चों का स्थानीय दुकानदारों एवं व्यापारियों द्वारा आर्थिक शोषण भी किया जा रहा है। घर-गृहस्थी में खर्च की जरूरत होने से यह बच्चे मजबूरी में भी कम मेहनताने में काम करने को तैयार हैं पढ़ने की उम्र में नाबालिग मजबूरी में होटल, ढाबा में काम कर रहे हैं। कई बच्चे तो रात 10 बजे होटलों पर काम करते देखे जा सकते हैं। नाबालिग बच्चों से दुकानों,व होटलों पर या विभिन्न जगहों पर काम करना अपराध हैं। नगर में खुलेआम ऐसा हो रहा है,मगर अफसोस जिम्मेदार अधिकारी देख कर भी अनजान बने हुए है।