लखनऊ। सामाजिक समरसता मंच लखनऊ पूर्व विभाग द्वारा आयोजित समरस समाज में मातृशक्ति की भूमिका विषय पर कार्यक्रम रानी लक्ष्मी बाई मेमोरियल स्कूल सेक्टर 8 इंदिरा नगर लखनऊ के प्रांगण में आयोजित किया गया ।
इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी सैकड़ों महिलाओं ने सहभागिता की समाज को किस प्रकार से समरस बनाया जाए ? उसमें एकत्व कैसे लाया जाए ? इस विषय पर महिलाओं ने अपने अपने विचार व्यक्त किए । कार्यक्रम का शुभारंभ पांचवी कक्षा की छात्रा दीक्षा सिंह द्वारा मंगलाचरण व अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों का समरसता मंच के द्वारा माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता डॉ रामनरेश प्रांत सामाजिक समरसता सहसंयोजक ने भगवान राम एवं माता शबरी के बीच हुए वार्तालाप की श्रीरामचरितमानस की चौपाई , "मैं अति अधम अनुमति नारी...... जात पात कुल धर्म बड़ाई " का विधिवत विश्लेषण कर समरसता पर प्रकाश डाला। यशोधरा राष्ट्रीय स्वयं सेविका समिति की प्रांत कार्यवाहिका ने मातृ शक्ति की भारत माता, मां भारती एवं समाज के हर व्यक्ति में परमात्मा है, के आधार पर अपने विचारों से महिलाओं में ऊर्जा का नया संचार कर दिया ।
श्रीमान राजकिशोर प्रांत सामाजिक समरसता प्रमुख ने समरसता के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचारों से प्रांगण में करतल ध्वनि की गड़गड़ाहट से समर्थन प्राप्त किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही अयोध्या सिंह मेमोरियल स्कूल की प्रधानाचार्य श्रीमती शैल सिंह ने महिलाओं को विचारों में आजादी, संस्कारों में नियंत्रण की महिलाओं से अपील की । कार्यक्रम में आई हुई अन्य महिलाओं श्रीमती नमिता, आभा, सीमा सिंह, सीमा पांडे, नमिता, पूर्णिमा, अंजलि, शांभवी, सविता, व सुधा इत्यादि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय स्वयं सेविका समिति विभाग तरुणी प्रमुख श्रीमती रामा जी ने किया। कार्यक्रम में विभाग संयोजक दिनेश जी भाग संयोजक वीरेंद्र जी तथा नगरों के संयोजक अखिलेश्वर नाथ, वीरेंद्र, राममिलन, अखिलेश, मनोज, विजय व ओम प्रकाश उपस्थित रहे। कार्यक्रम व लखनऊ पूरब भाग के सामाजिक समरसता संयोजक वीरेंद्र जी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया । अखिलेश्वर नाथ ने कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम को विराम दिलवाया।




