
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने अफगानिस्तान के तालिबान अधिग्रहण के मुद्दे को उठाया और किसी भी पार्टी का नाम लिए बिना भारत में आतंकवादी समूह का समर्थन करने के लिए 'लोगों के एक वर्ग' को दोषी ठहराया. उत्तर प्रदेश भाजपा ने ट्विटर पर 2 मिनट का वीडियो पोस्ट किया है. वीडियो द्वारा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा गया है. तालिबान मानसिकता वाले समाजवादी पार्टी के नेताओं का समर्थन करने के लिए उन पर हमला किया गया. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अब एक साल से भी कम वक्त है. चुनाव को लेकर सियासी रसाकसी इन दिनों जोरों पर है.
2 मिनट के वीडियो में अफगानिस्तान के हाल के दृश्य हैं. विशेष रूप से काबुल हवाई अड्डे पर हुई अराजकता की क्लिप का इस्तेमाल किया गया है. वीडियो में एक हिंदी वॉयस ओवर में अखिलेश यादव की पार्टी के नेताओं पर उन लोगों के साथ खड़े होने का आरोप लगाया गया है, जो वैचारिक रूप से तालिबान के प्रति झुकाव रखते हैं.
अखिलेश जी... जनता आपके कारनामे देख रही है
— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) August 28, 2021
तालिबानी सोच वाले सपा के बेशर्म नेताओं का समर्थन क्यों कर रहे हैं ? pic.twitter.com/ps6hK86LIK
याद दिला दें कि उत्तर प्रदेश विधानसबा में अपने संबोधन में कहा था कि सीएम योगी ने कहा था कि लोग तालिबान का समर्थन कर रहे हैं. अफगानिस्तान में बच्चों महिलाओं के साथ बर्बरता हो रही है. इसके बावजूद भी कुछ लोग बेशर्मी से तालिबान का समर्थन कर रहे हैं. इन लोगों को समाज के सामने बेनकाब किया जाना चाहिए.
18 अगस्त को, समाजवादी पार्टी के नेता शफीकुर रहमान बरक - संभल के लोकसभा सांसद - ने संवाददाताओं से कहा कि तालिबान "अफगानिस्तान को मुक्त करना चाहता है" और "अपना देश चलाना चाहता है" बाद में पूछे जाने पर बरक ने टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया.
अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी ने बीजेपी के वीडियो पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. तालिबान पर अपनी पार्टी के रुख को स्पष्ट करने के लिए शनिवार को एक निजी समाचार चैनल द्वारा पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने कहा, "अफगानिस्तान के लोगों को सुरक्षित रहना चाहिए जो कि सबसे बड़ी प्राथमिकता है."
