ओ भाई जरा संभल कर जइयो लखनऊ में...#BJP4UP pic.twitter.com/TKwrjaIXYz
— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) July 29, 2021

सत्यबन्धु भारत
न्यूज़ डेस्क। कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले करीब 8 महीने से प्रदर्शन कर रहे किसानों ने अब यूपी को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर ली है. हाल ही में किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने ये ऐलान किया था कि अब लखनऊ को दिल्ली बनाया जाएगा और इसकी सीमाओं को चारों तरफ से घेरा जाएगा. ये संयुक्त किसान मोर्चा का फैसला है, लेकिन अब किसानों की इस चेतावनी पर यूपी बीजेपी की तरफ से एक ट्वीट किया गया है. जो काफी चर्चा में है. जिसमें टिकैत का कार्टून बनाया गया है और योगी के प्रदेश यूपी जाने पर बक्कल तारने की बात कही गई है.
यूपी बीजेपी ने कार्टून के जरिए बोला हमला
दरअसल पिछले लंबे समय से सरकार और किसान संगठनों के बीच कोई भी बातचीत नहीं हो रही है. इससे नाराज किसानों ने अब अपने आंदोलन को तेज करना शुरू कर दिया है. इसी क्रम में वो अब उन राज्यों में आंदोलन की बात कर रहे हैं, जहां बीजेपी सत्ता में है और विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. जिनमें यूपी और उत्तराखंड जैसे राज्य शामिल हैं. इसके लिए लखनऊ में किसान मोर्चा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने आगे के प्लान के बारे में बताया.
लेकिन अब किसानों को यूपी बीजेपी की तरफ से कार्टून के जरिए जवाब दिया गया है, इस ट्वीट में लिखा गया है- ओ भाई जरा संभलकर जइयो लखनऊ में... साथ ही जो कार्टून शेयर हुआ है, वो किसान नेता राकेश टिकैत का लगता है, जो एक मोटा डंडा कंधे पर लिए खड़े हैं, जिस पर किसान आंदोलन लिखा हुआ है.
साथ ही फटीचर हालत में एक कार्टून है, जिस पर बाहुबली लिखा है... जो टिकैत जैसे दिखने वाले कार्टून को कह रहा है- "सुना लखनऊ जा रहे हो तुम, किमें पंगा न लिए भाई... योगी बैठ्या है बक्कल तार दिया करे और पोस्टर भी लगवा दिया करे"
कृषि कानूनों को रद्द करने पर अड़े हैं किसान
बता दें कि पिछले किसानों के प्रदर्शन स्थल पर बीजेपी के कुछ कार्यकर्ता पहुंच गए थे. जिसके बाद किसानों और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई. इस घटना के बाद मीडिया से बात करते हुए राकेश टिकैत ने कहा था कि, अगर किसी ने किसानों के मंच पर कब्जा करने की कोशिश की तो उसके बक्कल तार दिए जाएंगे. अब बीजेपी ने भी इसी शब्द का इस्तेमाल कर टिकैत पर हमला बोला है. बक्कल तारने शब्द का इस्तेमाल पश्चिमी यूपी में किया जाता है.
किसानों का कहना है कि तीनों कृषि कानून उनके खिलाफ हैं, इसीलिए सरकार इन्हें तुरंत रद्द करे. आंदोलन तभी खत्म होगा. वहीं सरकार पहले ही ये साफ कर चुकी है कि उनके कानून सही हैं और इनमें संशोधन हो सकता है, लेकिन रद्द नहीं किए जा सकते हैं. फिलहाल किसान लगातार सरकार को चेतावनी दे रहे हैं कि वो पूरे देशभर में आंदोलन को तेज करेंगे और ट्रैक्टर रैली भी निकालेंगे.
