
सत्यबन्धु भारत
न्यूज़ डेस्क। अफगानिस्तान से अमेरिकी फौज के हटने के बाद तलिबान का दबदबा खासा बढ़ता जा रहा है। अफगानिस्तान की आर्मी भी तालिबान पर खूब हमले कर रही है लेकिन कई आतंकवादी संगठन उसको पीछे से सपोर्ट कर रहे हैं इस कारण तालिबान को पराजित करना मुश्किल हो रहा है।
वहीं एक रिपोर्ट के मुबातिक अमेरिकी जनरल ने कहा कि अमेरिका अफगान सैनिकों का समर्थन करने के लिए हवाई हमले जारी रखेगा। मई की शुरुआत से अमेरिका ने वापसी शुरू कर दी थी और विदेशी फौज के अंतिम दिन के कुछ ही दिनों बाद विद्रोहियों द्वारा व्यापक हमले शुरू करने के बाद हिंसा में वृद्धि हुई है।
तालिबान ने घातक हमले कर अफगानिस्तान सेना को पीछे ठकेल दिया और कई जिलों और कई प्रांतीय राजधानियों को घेर लिया और कब्जा कर लिया है। अमेरिकी सेना के जनरल केनेथ मैकेंजी ने कहा संयुक्त राज्य अमेरिका ने पिछले कई दिनों में अफगान बलों के समर्थन में हवाई हमले बढ़ाए हैं और यदि तालिबान अपने हमले जारी रखता है हम आने वाले हफ्तों में अफगानिस्तान के समर्थन में इस बढ़े हुए स्तर को जारी रखने के लिए तैयार हैं।
अफगान सेना के हवाई हमले तेज, 30 से ज्यादा तालिबानी आतंकी ढेर
फगानिस्तान के पूर्वी कुनार में शुक्रवार को तालिबान के 20 आतंकियों को एक हवाई हमले में मार गिराने के बाद अफगान वायुसेना ने दो और प्रांतों में एयर स्ट्राइक कीं। इन दोनों हमलों में तालिबान के 30 से ज्यादा आतंकी मारे गए जबकि 17 अन्य घायल हो गए हैं। देश के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को इसकी पुष्टि की है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के बयान के हवाले से बताया है कि उत्तरी जज्जान प्रांत की प्रांतीय राजधानी शिबरघन के बाहरी इलाके में मुर्गब और हसन तब्बिन गांवों में युद्धक विमानों ने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस कार्रवाई में 19 आतंकी ढेर हो गए और 15 अन्य घायल हो गए।
रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, दक्षिणी हेलमंद प्रांत की राजधानी लश्कर गाह के बाहरी इलाके में वायु सेना के हमले में दो गैर-अफगान आतंकियों समेत 14 तालिबान मारे गए, जबकि दो अन्य घायल हो गए।
इस पूरी कार्रवाई में तीन वाहन, छह मोटरसाइकलें, दो बंकर और आतंकियों के बड़ी मात्रा में रखे गए हथियार और गोला-बारूद नष्ट कर दिए गए। बता दें कि तालिबान ने अफगानिस्तान के 419 जिलों में से आधे पर अपना कब्जा अमेरिका व नाटो सेनाओं की वापसी के साथ ही जमा लिया है।
