सीएसएन पीजी कॉलेज नहीं कर रहा कोविड-19 गाइड लाइन का पालन, कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा

सत्यबन्धु भारत। सन्दीप कुमार
हरदोई। छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी से संबद् ध महाविद्यालयों में 16 जुलाई से स्नातक और परास्नातक कक्षाओं की परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। यूनिवर्सिटी द्वारा जारी पत्र के आधार पर सभी महाविद्यालयों को कोरोना गाइड लाइन का पालन कराते हुए परीक्षा संबंधी गतिविधियां संपन्न कराने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन विश्वविद्यालय द्वारा जारी कोविड-19 गाइडलाइन का पालन कालेजों द्वारा होता नही दिख रहा है।
इसी बीच जिले के कई कॉलेजों में मंगलवार को एडमिट कार्ड लेने के लिए विद्यार्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। लखनऊ चुंगी स्थित सीएसएन पीजी कॉलेज में भी अव्यवस्थाओं के बीच विद्यार्थियों को एडमिट कार्ड देने का सिलसिला जारी रहा।
बिना किसी सोशल डिस्टेंसिंग के ही विद्यार्थियों को झुंड में खड़ा करके एडमिट कार्ड दिए जा रहे थे। इनमें से कई विद्यार्थियों ने मास्क भी नहीं लगा रखा था। कोरोना की दूसरी लहर के बाद लगे लॉक डाउन से कोरोना संक्रमण पर थोड़ी लगाम जरूर लगी लेकिन साथ ही सरकार ने कोरोना चेन तोड़ने के लिए गाइड लाइन जारी की थी, ताकि यह संक्रमण अब और न बढ़े।
कॉलेज प्रबंधन द्वारा कोरोना गाइड लाइन को पूरी तरह से दरकिनार करते हुए एडमिट कार्ड देने के लिए विद्यार्थियों को बुलाया गया। भीषण गर्मी में झुंड में एक साथ खड़े दिखाई देने वाले विद्यार्थी घंटों माथे से अपना पसीना पोंछते नजर आए। पानी, सैनिटाइजिंग, सोशल डिस्टेंसिंग आदि में से किसी की भी उचित व्यवस्था वहां पर देखने को नहीं मिली। अगर कोई भी चीज वहां दिखाई दी तो वह थी सिर्फ अव्यवस्था।
इस भीषण गर्मी और कोरोना काल में, जहां देश कोरोना की तीसरी लहर से बचने की जद्दोजहद में है। वहीं ऐसे कॉलेज विद्यार्थियों की भीड़ एक साथ इकट्ठा कर कोरोना संक्रमण को जाने-अनजाने में दोबारा बुलावा दे रहे हैं।
सरकार ने परीक्षाओं को संपन्न कराने के लिए भी कोरोना गाइड लाइन का पालन करना जरूरी बताया और यह जरूरी है भी लेकिन सीएसएन पीजी कॉलेज में विद्यार्थियों की भारी भीड़ होना और कोरोना से बचाव के लिए कोई व्यवस्था का न होना, यही दर्शाता है कि कॉलेज प्रबंधन कोरोना संक्रमण को लेकर पूरी तरह से निश्चिंत है। यदि इसी तरह से यह अव्यवस्था बनी रही तो वह दिन दूर नहीं जब शहर में इस बार कोरोना संक्रमण बढ़ने का मुख्य कारण ये कॉलेज ही बन जाएंगे।
