
सत्यबन्धु भारत। सन्दीप कुमार
टोंडरपुर,हरदोई। जनपद में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा फर्जी मजदूरो के सहारे चलने को मजबूर है। ताजा मामला हरदोई जनपद की ब्लाक टोंडरपुर की ग्राम पंचायत तिउर चौगावा का है
प्राप्त जानकारी के अनुसार जहाँ कार्य तालाब रिमाल्डिंग का कार्य मजदूरो के द्वारा चल रहा है जिसमें कार्य प्रारंभ करने की तिथि 16/06/2021 को कार्य प्रारम्भ किया जाना था लेकिन ग्राम पंचायत अधिकारी धीरज पाण्डेय, तकनीकी सहायक महेश तिवारी,रोजगार सेवक देवेन्द्र कुमार एवं प्रधान प्रतिभा सिंह के द्वारा मिलीभगत करके कार्य 12/06/2021 को ही प्रारंभ करवा लिया गया और प्रति दिन कागजों पर 54 मजूरो की सहायता से मनरेगा के अंतर्गत तालाब रिमाल्डिंग का कार्य किया जा रहा है जब आज दिनांक 17/07/2021 को जमीनी हकीकत देखीं गयी तब देखने को मिला कि ग्राम पंचायत तिउर चौंगवा में तालाब रिमोल्डिंग कार्य में मनरेगा सिर्फ 17 मजदूरो के सहारे ही चल रहा है जिसमे सिर्फ 10 मजदूर ही जॉब कार्ड पर पंजीकृत है कुछ मजदूर दुसरो के जॉब कार्ड के सहारे कार्य कर रहे है जबकि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की मंशा है कि कोरोना काल में पलायन किये हुए मजदूरो को मनरेगा में कार्य दिया जाये लेकिन ब्लाक के अधिकारियो की मिलीभगत से मजदूरो को कार्य तो मिलता है पर कार्य सिर्फ कागजो पर ही मिलता है। जब मस्टर रोल की हकीकत देखी तो पता चला कि 54 मजदूरो में लगभग 15 से अधिक मजदूर 60 वर्ष की आयु को पार कर चुके है और वो मजदूर वृधा पेंशन भी ले रहे है। इसके अलावा कुछ मजदूर बिना जॉब कार्ड के भी कार्य कर रहे है। जब इस विषय पर खंड विकास अधिकारी से दूरभाषा के माध्यम से वार्तालाप हुई तब उनके बताया गया की प्रकरण को संज्ञान में लेकर जाँच की जाएगी। अब देखने वाली ये बात होगी की उच्च अधिकारियो के प्रकरण संज्ञान में आने पर जमीनी हकीकत परखी जाती है कि नही।
जबकि पूर्व में वर्ष 2019 में पूर्व जिलाधिकरी पुलकित खरे के दद्वारा मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार को लेकर वर्तमान प्रधान की भाभी भूत पूर्व प्रधान (लक्ष्मी देवी ), तकनीकी सहायक ( रामदास गुप्ता ) ग्राम पंचायत अधिकारी (जुगुल किशोर) के उपर लगभग 3 लाख रूपए की वसूली, प्रथम सुचना रिपोर्ट, दर्ज करने का आदेश दिनांक 24/12/2020 को खंड विकास अधिकारी को दिया गया था लेकिन खंड विकास अधिकारी के द्वारा कार्यवाही अभी तक नही की गई|
