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शौंचालय की सफाई मना करने पर ने प्रधानाचार्य ने रसोइयां से की अभद्रता,किया कार्य से मना

 रसोइया ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर लगाई न्याय की गुहार




सत्यबन्धु भारत

बिलग्राम,हरदोई। रसोइया को शौचालय न साफ करना पड़ा महंगा पड़ गया जब प्रधानाचार्य ने शौंचालय न साफ करने पर रसोइये को अपमानित कर नौकरी से निकला दिया।

कोरोना महामारी में भी सरकार के निर्देश पर जहाँ एक तरफ गरीबों को रोजगार दिया जा रहा है बहीं दलित समाज के गरीब को प्रधानाचार्या मजबूर कर रही थी। पीड़ित ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। मार्च-अप्रैल में ग्राम सभा मे प्रधान के स्थान पर प्रशासक के पास अधिकार थे। शिक्षा समिति का अध्यक्ष प्रधान/प्रशासक होता।वर्तमान प्रशासक को कोई सूचना नही दी गई। प्रधानाचार्य विभा गुप्ता के इस ब्यवहार से पूरा स्टाफ दुखी है।

पूरा मामला बिलग्राम तहसील क्षेत्र के ग्राम सदरियापुर के एक प्राइमरी स्कूल का है। जिसकी हेडमास्टर की मनमानी के चलते पीड़ित दलित रसोइया ने जिला अधिकारी को प्राथना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। विद्यालय में रामकुमार पुत्र मुन्शी बीते कई बर्षो से रसोइया के रूप मे कार्य कर रहा था मगर प्रधानाचार्य विभा गुप्ता की मनमानी के चलते  स्कूल की साफ सफाई  का कार्य कराया जा रहा है पीड़ित ने शौचालय भी साफ कराने का आरोप लगाया है साथ ही प्रधानाचार्य द्वारा जातिसूचक अपशब्द भी कहने का आरोप लगाया पीड़ित ने बताया कि उसने स्कूल के बच्चों के हित के लिए कार्य किया  मगर बीते फरवरी 2021से  स्कूल मे शौचालय का कार्य कराया कहने लगी तुम दलित बिरादरी से हो तुम्हारा यही कार्य है जब मेने विरोध किया तो मुझे कहा अगर साफ सफाई व शौचालय का काम करना हे तो रहो वरना भाग जाओ ओर जाति सूचक शब्दों का व भद्दी भद्दी गलियां 18-07-2021को स्कूल से भगा दिया ओर कहा की मेने तुम्हारे इस्तीफे पर हस्ताक्षर करा लिया है पीड़ित में जनहित में जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है ।