संदेह के घेरे में गौशाला के जिम्मेदार, कहीं गायों के संरक्षण के नाम पर चल तो नही रहा गोरखधंधा

सत्यबन्धु भारत। मुनीश कुमार
शाहाबाद,हरदोई। जहाँ एक तरफ योगी सरकार लाखों खर्च करके गायों के संरक्षण के लिए गौशालाओं का निर्माण कराया,गौशालाओं में देखरेख के लिए नियुक्तियां भी की लेकिन जमीनी हकीकत देखी जाए तो कुछ ओर ही तस्वीरें बयां कर करती है।
गौशालाओं में जिम्मेदारों के अनियमितताओं की यह कोई नई तस्वीर नही है। हरदोई जनपद के अधिकांश गौशालाओं में नीचे से ऊपर तक बैठे जिम्मेदारों की लापरवाही का ही यह नतीजा है कि योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को प्रधान,सचिव व अन्य जिम्मेदार पलीता लगा रहे हैं।
इससे भी चौकाने बाली तस्वीर हरदोई जिले में शाहाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत शाहाबाद देहात के ग्राम शफीपुर में गायों के संरक्षण के लिए बने अस्थाई पशु आश्रय केंद्र में आपत्तिजनक सामग्री हैरान करने बाली कहानी बयां करती है।
गौशाला में मृत गायों के खुले पड़े कंकालों से अन्य गायों में महामारी फैल सकती है बहीं दूसरी और गायों के चारे के लिए अन्य संसाधन भी गौशाला से नदारद हैं।
इससे भी बड़ी बात कि गौशाला में मिली आपत्तिजनक चीजें गायों के संरक्षण के अलावा किसी बड़े गोरखधन्धे की ओर इशारा करती हैं।
कहीं ऐसा तो नही कि गौशाला के नाम पर जिम्मेदारों द्वारा कुछ और ही खेल खेला जा रहा हो।
बहीं गौशाला में जमीनी हकीकत परखने गए पत्रकारों को गौशाला की देखरेख कर रहे रामरतन ने पहले तो गौशाला में घुसने नही दिया जब पत्रकारों द्वारा डॉ शिवकुमार को इस संबंध में सूचित किया गया तो उनके आने पर पत्रकारों को गौशाला की हकीकत परखने के लिए अंदर जाने दिया गया।
गौशाला की हकीकत देख पत्रकार दंग रह गए, गौशाला में आपत्तिजनक चीजें मिलना जिम्मेदारों को संदेह के घेरे में डालती हैं।

अब यह तो जनपद में बैठे जिम्मेदार ही मामले की गंभीरता को देखते हुए संज्ञान में लेंगे,लेकिन कहीं न कहीं दाल में कुछ काला जरूर है।
बहीं इस संबंध में जब पशु चिकित्साधिकारी डॉ शिवकुमार से बात की गई तो जांच न करने की बात कहते हुए गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि वीडियो भेजिए हम भी देखें।
बहीं ग्राम पंचायत शाहाबाद देहात के सेक्रेटरी नितांत रस्तोगी से जब इस सम्बंध में बात की गई तो बो भी गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए बोले कि इस सम्बंध में मुझे कोई जानकारी नही है। जब जिम्मेदार सेक्रेटरी ही इस तरह का बयान देगा कि उसे कोई जानकारी नही तो ऐसे गौशालाओं की स्थित क्या होगी? या जिला प्रशासन खबर का संज्ञान लेकर क्या कार्यवाही करेगा यह तो देखने बाली बात होगी?

