सरकारी जेसीबी ने गिराया किसान का टीन शेड

ब्यूरो रिपोर्ट सत्यबंधु भारत
अयोध्या। वशीकरण का यह नजारा भले ही सीमावर्ती क्षेत्र में होने के कारण सुल्तानपुर का हो मगर इसका सरोकार चीजें जनपद अयोध्या से है। जी हां एक ऐसा गांव जो तकनीकी रूप से भले ही जनपद सुल्तानपुर में हूं मगर इसकी सांस्कृतिक धरोहर अयोध्या से ही हैं और वह गांव है दखिन पारा। आज सदर तहसील प्रशासन का बुलडोजर गरजा तो सारे नियम कानून ताक पर दिए गए। पीड़ित पक्ष की एक न सुनी गई और बगल गांव के ही निवासी लेखपाल स्वदेश सिंह की जातीय रंजीत के चलते एक निर्दोष का निर्माण जमीन दोज कर दिया गया। जब गांव में आवागमन के लिए कोई रास्ता नहीं था तो तत्कालीन प्रधान व लेखपाल ने मिन्नतें करते हुए चकरोड टेढ़ा मेढ़ा होने का बहाना बनाकर काश्तकार शिव शंकर पांडे की निजी भूमि में खड़ंजा मार्ग बना दिया बात आई गई हो गई आवागमन भी दुरुस्त हो गया। मगर इन दिनों माझा सोनोरा गांव की निवासी एक लेखपाल की दबंगई का आलम यह रहा क ि अब प्रशासन को उसका ट्रेन हावड़ा चकरोड याद आया और देखते ही देखते प्रशासन की दबंगई के सामने पीड़ित की आवाज दबा दी गई। प्रशासन को उसका चकरोड भी मिल गया और काश्तकार की हत्या हुई जमीन भी सरकारी संपत्ति के रूप में प्रशासन की ही है। इसे योगी सरकार की नाकामी कहीं या फिर स्थानीय तहसील प्रशासन की दबंगई बात जो भी हो इन दिनों साहब खुश तो बल्ले बल्ले। यदि हातिम नाराज तो खैर नहीं।
