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ब्लाक प्रमुखी चुनाव में प्रत्याशिता की नाराजगी में जमीनदोंज की गई बिल्डिंग

सूबे के सिचाई मंत्री व जनपद प्रभारी डॉ0 महेन्द्र सिंह के निर्देश पर कार्रवाई को दिया गया अंजाम




सत्यबन्धु भारत

 उन्नाव। सत्ताधीशों की मर्जी के विरोध में ब्लाक प्रमुखी का चुनाव लड़ने से नाराजगी के एवज में आज करोडों कीमत का आलीशान भवन जमीनदोज कर दिया गया। प्रशासनिक अमला इसे सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बता रहा है।    जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार ने बताया कि जनपद के कस्बा सोहरामऊ स्थिति सिंचाई विभाग की लगभग 2.5 एकड़ जमीन अवैध कब्जेदारों के बने आलीशान घरों को जमीनदोज कर खाली कराई गई। जिसकी बाजारी कीमत तकरीबन 1.5 करोड़ रूपये आंकी जा रही है।

उल्लेखनीय हो किबीते सात वर्ष पूर्व सपा शासन में चिन्हित भूमि पर कब्जा कर बनाये गये भवनों के खिलाफ कई बार प्रशासनिक अमले से ग्रामीणों द्वारा शिकायत की गई लेकिन कार्रवाई के नाम पर अब तक केवल आश्वासन ही मिलता रहा। जिसके पीछे बताया जा रहा है कि अभी हाल में ही सम्पन्न हुए विकासखण्ड नवाबगंज के ब्लाक प्रमुख चुनाव में सत्ताधारी प्रत्याशी के खिलाफ प्रत्याशी उतारने की गलती की थी हालांकि चुनाव में नामांकन से लेकर मतदान के दिन तक सत्ताधारी प्रत्याशी समर्थकों द्वारा हर जुल्म ज्यादती की गई, चुनाव हारने के बाद विरोधियों को सबक सिखाने के लिए क्षेत्र के कुछ स्थानीय नेताओं ने प्रदेश के जलशक्ति मंत्री डॉ0 महेन्द्र सिंह के सामने पूरा मामला रखा। सरकार में रसूख वाले मंत्री के निर्देश पर जनपद में आज स्थानीय प्रशासन के सहयोग से लगभग ढाई एकड़ जमीन मुक्त करायी गई।

उक्त जानकारी देते हुए सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता (यांत्रिक) देवेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि लखनऊ-कानपुर राजमार्ग पर जनपद उन्नाव के विकासखण्ड नवाबगंज के ग्राम सोहरामऊ में स्थित बनीनार्थ पम्प नहर की मुख्य नहर एवं सोहरामऊ माइनर पर 11 व्यक्तियों द्वारा अवैध कब्जा किया गया था, जिसकी एफआईआर सोहरामऊ थाने में 28 सितम्बर 2020 को कराई गयी थी।

गाटा संख्या 167 एवं 80 (आंशिक रूप से) पर अवैध रूप से काबिज 05 व्यक्तियों के द्वारा किये गये कब्जे को बीती 01 फरवरी को अतिक्रमणमुक्त कराया गया था, परन्तु 06 लोगों द्वारा पक्के भवनों का निर्माण करा लिया गया था। इन लोगों को लगातार नोटिस देने के उपरान्त भी अवैध कब्जा नहीं हटाये जा रहे थे। इन अवैध निर्माणों को सिंचाई विभाग की जमीन से हटाने के लिए जलशक्ति मंत्री डॉ0 महेन्द्र सिंह ने कड़े निर्देश दिये थे। उनका कहना है कि सिंचाई विभाग की जमीन पर जहां भी अवैध कब्जा किया गया हो, उसे नियमानुसार कार्यवाही करते हुए तत्काल हटाया जाय। इसी क्रम में इस जमीन को 10 जेसीबी एवं 02 पोकलैण्ड मशीनों की मदद से कब्जा करके जमीन को खाली करा लिया गया।

इस अवसर पर मुख्य अभियंता (नलकूप-मध्य) लखनऊ आलोक गोयल, अधीक्षण अभियंता नलकूप मण्डल लखनऊ अरविन्द कुमार यादव के अलावा अधिशासी अभियंता शारदा सहायक खण्ड-6 रायबरेली विनोद कुमार, अधिशासी अभियंता नलकूप निर्माण खण्ड लखनऊ मो0 आसिफ, अधिशासी अभियंता नलकूप खण्ड लखनऊ , संदीप कठेरिया तथा अधिशासी अभियंता नलकूप खण्ड, संत लाल तथा अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी दिव्यांशु पटेल  मौजूद रहे।