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सालों से हाँथ में नही पकड़ी झाड़ू,घर बैठे जेब में आ रही तनख़ाह

 शाहाबाद ब्लॉक के 90% सफाईकर्मी सांठगांठ के चलते नही करते सफाई



सत्यबन्धु भारत। सन्दीप कुमार

शाहाबाद, हरदोई। शाहाबाद ब्लॉक में भ्रष्टाचार,सांठगांठ,लापरवाही की जितनी भी परते खोली जाएं कम ही हैं। सरकार की ऐसी कोई योजना नही जहाँ पर भ्रष्टाचार रूपी दीमक ने अपने पैर न जमाये हो। आखिर नीचे से ऊपर तक बैठे अधिकारियों की कान में जू क्यों नही रेंगता। सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं जमीन पर इन्ही अधिकारियों के निकम्मेपन व भ्रष्टाचार की बजह से धराशाही हो जाती है। सब कुछ जानते हुए भी शाहाबाद ब्लॉक के अधिकारी मौन हैं। जब किसी भ्रष्टाचार की डीपीआरओ से की जाए तो बीच मे ही फोन काट देते हैं इससे यही लगता है कि कहीं न कहीं उनकी भी संलिप्तता तो नही भ्रष्टाचार में।



तहसील मुख्यालय से कुछ दूरी पर शाहाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत दरियापुर बिक्कू में गांव की साफ-सफाई करने के लिए सफाईकर्मी तो नियुक्त है पर आज तक सफाईकर्मी द्वारा सफाई तो दूर की बात, ग्रामीणों द्वारा शक्ल तक नही देखी गई। 

सफाईकर्मी राधा के पति के अनुसार उनकी पत्नी सफाईकर्मी नियुक्त है बो उसके स्थान पर अन्य किसी से सफाई कराते हैं बहीं ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने आज तक सफाईकर्मी की शक्ल तक नही देखी। कभी-कभी सफाईकर्मी के पति आकर अपने साथ किसी लड़के से जहाँ-तहाँ सफाई जरूर करा देते हैं। जब मीडिया ने गांव में सफाई करने बाले लड़के से पूंछतांछ की तो उसने बताया कि उसे 250 रुपये सफाई करने के एक दिन के मिलते हैं महीने में लगभग 2 या 3 बार नियुक्त सफाईकर्मी के पति द्वारा उससे सफाई कराई जाती है।

नवनियुक्त ग्राम प्रधान पातिराम के अनुसार सफाईकर्मी द्वारा गांव में सफाई नही की जाती सफाई कर्मी को कई बार फोन भी किया लेकिन बो नही आये। इस लापरवाही के लिए उसकी शिकायत की जाएगी।

बहीं शाहाबाद ब्लॉक के एडीओ पंचायत नितांत रस्तोगी व दरियापुर बिक्कू के सचिव से जब गांव की साफ-सफाई व्यवस्था के बारे में जानकारी की गई तो उन्हें अपनी ग्राम पंचायत के बारे में यह तक नही पता कि गांव में सफाईकर्मी आता है या नही। सचिव नितांत रस्तोगी के अनुसार सफाई कर्मी पर कार्यवाही की जाएगी।

अब यह तो देखने बाली बात होगी कि सचिव साहब कार्यवाही करते है या नही।

लेकिन सोचनीय प्रश्न यह कि इतने जिम्मेदार पद पर बैठे ब्लॉक के एडीओ व उसी गांव के सचिव जिस गांव में सफाईकर्मी कभी नही आया उन्हें खुद नही पता कि उनकी ग्राम पंचायत की सफाई होती भी है या नही,या कौन करता है। 

बैसे बात कि जाए तो सचिव साहब के पास इसके अतिरिक्त अन्य ग्राम पंचायतें भी हैं उनका भी यही हाल है

बड़ा सवाल कि ऐसे लोगों को सरकार के आदेश की परवाह नहीं है जबकि राष्ट्रीय सफाई आयोग के चेयरमैन, विभाग के निदेशक सहित अन्य अधिकारियों ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि नियुक्त सफाईकर्मी ही सफाई कार्य जरूर करेगा क्योंकि उसे तनख़ाह इसी की मिलती है।