लखनऊ। उपभोक्ता की शिकायत पर आपूर्ति विभाग ने हसनगंज में कोटेदार अनिल जायसवाल के दुकान की जांच की। जांच में भारी अनियमितता पाए जाने पर कोटा निलंबित कर दिया गया। इस दुकान से जुड़े सभी कार्डधारकों को प्रथम लिंक शाप (दूसरे कोटेदार सुरेंद्री जयसवाल) से संबद्ध कर दिया गया है। अब उन्हें वहीं से उचित दर पर राशन मिलेगा।
हसनगंज क्षेत्र के डालीगंज maya nagar में अनिल कुमार जायसवाल के नाम सरकारी राशन कंट्रोल है। राशन की इस दुकान से लगातार घटतौली, ठेके पर दुकान का संचालन, अनाधिकृत चौहद्दी पर खाद्यान्न का भंडारण, दुकान नाजायज कब्जा सहित अन्य गड़बड़ियां मिली। आरोप यह भी है कि दबंग कोटेदार ने यहीं की रहने वाली माधुरी वर्मा की दुकान पर कब्जा कर इसे सरकारी दुकान घोषित कर रखा था। शिकायत पर अपर जिला अधिकारी (आपूर्ति) द्वारा पूरे मामले की जांच की गई। जांच के समय विक्रेता दुकान पर अनुपस्थित मिले। अनिल कुमार जायसवाल की जगह पर अनाधिकृत तरीके से कोई अजय कुमार जायसवाल (बबलू) कोटे की दुकान चलाता मिला। खाद्यान्न का भंडारण भी अनाधिकृत पाया गया। कार्ड धारक वसीम जहां पत्नी बशारत अली, रेखा बाल्मीकि पत्नी पप्पू बाल्मीकि ने जांच अधिकारी को घटतौली के बारे में भी जानकारी दी। कोटेदार अनिल कुमार जायसवाल ने कोरोना महामारी आपदा के दौरान राशन वितरण किए जाने में भी गड़बड़ी की गई है। शिकायत के सारे तथ्य प्रथम दृष्टय सही पाए गए। इस बात पर इसका कोटा निलंबित कर दिया गया है।

