
सत्यबन्धु भारत
न्यूज़ डेस्क। किसान आंदोलन को 8 महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है, लेकिन अभी प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। इसके अलावा जंतर-मंतर पर किसान संसद भी चल रही है। उम्मीद जताई जा रही कि 26 जुलाई यानी आज दिल्ली में कुछ बड़ा हो सकता है। इस बीच रविवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत हरियाणा के जींद पहुंचे। साथ ही उन्होंने वहां के लोगों को क्रांतिकारी बताया और आगे की रणनीति पर चर्चा की।
राकेश टिकैत ने कहा कि जींद के लोग क्रांतिकारी हैं। उन्होंने 15 अगस्त को ट्रैक्टर परेड करने का सही निर्णय लिया है। पता नहीं संयुक्त किसान मोर्चा क्या फैसला करता है, फिलहाल ट्रैक्टर परेड को राष्ट्रीय ध्वज के साथ देखना गर्व का क्षण होगा। टिकैत ने आगे कहा कि वे मंत्रियों को अपने गांवों में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराने देंगे। आखिर मंत्री झंडा फहराकर क्या करेंगे? उनके मुताबिक अगला 'जत्था' 14 अगस्त को मुरादाबाद, हापुड़ और अमरोहा से आएगा और 15 तारीख को वे यहां (विरोध स्थल) राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे, इसके बाद सड़कों पर ट्रैक्टर परेड करेंगे।
महिलाएं चलाएंगी किसान संसद किसान आंदोलन को 8 महीने का वक्त पूरा हो गया है। किसान संगठनों के मुताबिक 26 तारीख को बड़ी संख्या में महिलाएं जंतर-मंतर पहुंचेंगी। इसके साथ ही वो पूरे किसान संसद को चलाएंगी। वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस नहीं चाहती है कि फिर से 26 जनवरी वाली घटना हो, जिस वजह से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। हालांकि किसान संगठनों ने भी आश्वासन दिया है कि वो इस बार ऐसा कुछ नहीं करेंगे। जिस वजह से हर टीम में एक मॉनिटर तैनात किया गया है।
