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अल कायदा का ‘प्लान 15 अगस्त’ फेल, लखनऊ कोर्ट ने आतंकियों को 14 दिन की एटीएस रिमांड पर भेजा

एटीएस के अनुसार ये दोनो आंतकी मानव बम मॉड्यूल का हिस्सा थे और इनका  हैंडलर एक पाकिस्तानी आतंकी उमर-अल  मंडी है।



सत्यबन्धु भारत। 

न्यूज़ डेस्क। यूपी एटीएस ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के काकोरी से रविवार को अलक़ायदा के दो आतंकवादियों को धर-दबोचा था जिसके बाद आज  दोनो आतंकियों की कोर्ट में पेशी हुई। कोर्ट ने दोनो आतंकियों को 14 दिन की एटीएस रिमांड पर भेज दिया। दोनो आतंकियों के नाम मिनहाज और मसीरुद्दीन है। इनसे पूछताछ के आधार पर एटीएस इनके और साथियों की भी तलाश कर रही है। अब तक की पूछताछ में इन आतंकियों ने कई बड़े खुलासे किए हैं। 

अलकायदा से जुडे इन आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद से चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इन आतंकियों का असल प्लान 15 अगस्त  के पहले यूपी को दहलाने का था जिसके लिए ये लोग तैयारी में लगे हुए थे।  इसके अलावा इनके पास से अयोध्या में बन रहे राम मंदिर समेत मथुरा और काशी के कई मंदिरों के नक़्शे बरामद हुए हैं। इनके पास से एटीएस को सात किलो बारूद के साथ दो प्रेशर कूकर बम मिले जिन्हें सुरक्षा एजंसियों ने डिफ़्यूज़ किया। 

इन आतंकियों की सूचना यूपी एटीएस को केंद्रिय एजेंसियों से मिली थी। जिसके बाद एटीएस की टीम लगातार इनपर नज़र बनाए हुए थी। वहीं बीते दिन कश्मीर से भी ग्यारह लोगों के आतंकी कनेक्शन सामने आए हैं । जिसके बाद अब यूपी के कई ज़िलों में एटीएस की छापेमारी जारी है 

एटीएस के अनुसार ये दोनो आंतकी मानव बम मॉड्यूल का हिस्सा थे और इनका  हैंडलर एक पाकिस्तानी आतंकी उमर-अल –मंडी है। ये दोनो आतंकी अलकायदा की  अंसार गजवातुल फ़िलॉस्फी को मानने वाले थे जिसका प्रमुख मूसा कुछ दिनों पहले ही कश्मीर में मारा जा चुका है। इस मामले यूपी एटीएस अब कश्मीर पुलिस के संपर्क में भी है ताकि इनके और साथियों के बारे में पता किया जा सके।

पूछताछ में इन आतंकियों ने एटीएस के सामने खुलास किया की ये सीरियल धमाकों के ज़रिये ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाना चाहते थे। इनके निशाने पर सिर्फ लखनऊ ही नही बल्कि यूपी के कई और बड़े शहर भी थे जहां ये तबाही मचाना चाहते थे। इस घटना से एक बात तो साफ है की यूपी की राजधानी लखनऊ में अलकायदा के स्लीपर सेल की मौजदूगी चिंता बढाने वाली है। और इस स्लीपर सेल को तोड़ना एटीएस के सामने बड़ी चुनौती भी होगी।