एसपी बाराबंकी से लगाई पीड़िता ने न्याय की गुहार
सत्यबन्धु भारत, श्रवण चौहान
बाराबंकी। अक्सर आप देखते होंगे कि पुलिस की लापरवाही की वजह से कहीं छात्र-छात्राएं तथा परिजन फांसी लगाकर जान दे देते हैं इसके पीछे कहीं न कहीं पुलिस की लापरवाही जरूर सामने आती है यही वजह है शिकायत के बाद भी पुलिस मुकदमा पंजीकृत ना करते हुए आरोपियों को बचाने का काम करती है दरअसल पूरा मामला इसी से मिलता-जुलता बाराबंकी में भी देखने को मिल रहा है जहां पर सफदरगंज थाना में न्याय न मिलने के चलते बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक का दरवाजा खटखटाने का काम पीड़िता के द्वारा किया गया है पीड़िता रसौली गांव की रहने वाली है पीड़िता का आरोप है कि रसौली के ग्राम प्रधान जियाउल हक तथा उनके अन्य साथी दुष्कर्म करने का प्रयास कर रहे थे और जब इसका विरोध किया गया तो पीड़िता को बुरी तरह मारा-पीटा भी है जो चोट के निशान इस बात की गवाही दे रहे हैं अवध नामा अखबार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले भी खबर प्रकाशित कर चुका है लेकिन अब इस खबर में एक नया मोड़ आने के बाद पीड़िता को न्याय दिलाने का काम गंभीरता से अवध नामा कर रहा है। ऐसे में एक बड़ा सवाल है कि क्या बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक का दरवाजा खटखटाने के बाद पीड़िता को न्याय मिलेगा या फिर 151 की कार्यवाही से ही पीड़िता को संतोष करना पड़ेगा। वही आरोपी अपने आप को बेगुनाह बता रहे हैं ग्राम प्रधान समेत अन्य आरोपियों का कहना है कि आरोप निराधार लगाए जा रहे हैं। खैर इस तरीके के मामले में पुलिस को विवेचना करने की जरूरत है कहीं चुनावी रंजिश तो नहीं यह भी बड़ी बात है।
पीड़िता का कहना नहीं मिला न्याय तो हो सकती है अप्रिय घटना:-
इस पूरे मसले पर पीड़िता से जब बात की गई तो पीड़िता ने कहा कि बहुत परेशान हो गई हूं लेकिन अभी तक पुलिस के द्वारा किसी भी प्रकार की उचित कार्यवाही नहीं की गई है जिससे हमें न्याय मिल सके कहीं ऐसा ना हो कि कोई अप्रिय घटना घट जाए।
थाना प्रभारी सुधीर सिंह के खास है ग्राम प्रधान रसौली जिया उल हक:-
थाना प्रभारी सुधीर सिंह के खास बताए जाते हैं रसौली के प्रधान जिया उल हक जिनके ऊपर छेड़छाड़ दुष्कर्म करने का प्रयास का आरोप लगा है जियाउल हक आए दिन सोशल मीडिया पर थाना प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मियों के साथ फोटो डालकर दबदबा कायम किए हुए हैं।

