लेटेस्ट खेल समाचार कोरोना देश राज्य क्राइम बिजनेस दुनिया नॉलेज ऑटो दुर्घटना ट्रेंडिंग लाइफ स्टाइल धर्म करियर टेक मनोरंजन

आलोचनाओं से न घबरायें अपने कार्य में ध्यान लगायें



विकास यादव, प्रतापगढ़

     जीवन में मनुष्य लाख अच्छा कार्य कर ले परन्तु उसकी बुराई होती है। यदि कोई मनुष्य लाख बुरा कार्य करे परन्तु उसकी दस में से दो व्यक्ति बड़ाई करते हैं। अर्थात मनुष्य को आलोचनाओं से नहीं घबराना चाहिए। अपने कार्य में ध्यान देते हुये समर्पण भाव से कार्य करना चाहिए। 

             यदि आप कार्य करेंगे तभी आलोचना भी होगी। आलोचक हमारे सच्चे हितैषी होते हैं। हमें उनकी आलोचनाओं को सर आंखो पर रखकर आभार जताना चाहिये कि उन्होने अपने जीवन का अनमोल क्षण निकालकर हमारे बारे में सोचा। 

         आपनी आलोचना पर गहनता से आत्ममंथन करें तदुपरांत उन कमियों को दूर करने का प्रयास करे। आलोचना को जिसने भी सहने का कार्य किय ा जग में उसी का नाम हुआ है। हमे लोग याद तो करते हैं चाहे जैसे इस बात से खुश रहना चाहिए। 

         संत कबीरदास जी ने भी कहा है कि 

निंदक नियरे राखिये आँगन कुटी छवाय।। 

               दुनिया का सबसे सरल कार्य है दूसरे व्यक्ति की आलोचना करना। कमी सबमें होती है गलती सबसे होती है परन्तु हमें सबकी कमियों को अकेले में बताकर उसे सुधारने हेतु प्रेरित करना चाहिए। सही को सही गलत को गलत कहने का साहस होना चाहिए। अच्छे कार्यों की सराहना तथा गलत कार्यों की निंदा भी आवश्यक है। सभी को साथ लेकर सबका विकास करने का कार्य होना चाहिए।