सीएचसी कछौना में मेडिकल स्टाफ की लापरवाही से महिला को कोविड-19 की दी गई गलत बैक्सीन
सत्यबन्धु भारत
सीवी आजाद
कछौना,हरदोई। उत्तर प्रदेश में चल रहे कोरोना वैक्सीनेशन के दौरान कॉकटेल वैक्सीनेशन के तमाम मामले सामने आ रहे हैं। इतनी भयंकर बीमारी जिसने समूचे विश्व में मानवजाति को खतरा उत्पन्न कर दिया। फिर भी इसके नियंत्रण में लगे स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही क्षमा योग्य नही होनी चाहिए। यूपी के हरदोई जनपद में मेडिकल स्टाफ द्वारा बरती गई घोर लापरवाही का ऐसा ही एक मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना से प्रकाश में आया है, जहाँ वैक्सीनेशन की दूसरी डोज लेने गई एक 65 वर्षीय महिला को कोवैक्सीन के स्थान पर कोविशील्ड की डोज लगा दी गई। गलत डोज लगने की जानकारी होते ही महिला काफी भयभीत है। उसके साथ गए उसके पुत्र ने मेडिकल स्टाफ की इस घोर लापरवाही के प्रति आपत्ति एवं नाराजगी व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों से शिकायत कर कार्यवाही की मांग की है।
पीड़ित महिला के पुत्र पंकज द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार 17 मई को उसकी माताजी राजकुमारी (65) पत्नी गोकुल प्रसाद ने सीएचसी कछौना में कोवैक्सीन के रूप में पहली डोज लगवाई थी,जिसके बाद 14 जून को उन्हें दूसरी डोज लगनी थी। लेकिन नियत समय पर सीएचसी में कोवैक्सीन की अनुपलब्धता के चलते बुधवार 23 मई को जब पुत्र अपनी माता को दूसरी डोज लगवाने के लिए सीएचसी पहुंचा तो मेडिकल स्टाफ ने लापरवाही बरतते हुए उन्हें कोवैक्सीन की जगह कोविशील्ड की डोज लगा दी। पंकज ने बताया कि जब उसने देखा कि स्वास्थ्यकर्मियों ने उसकी मां को गलत डोज दे दी है, तो उसने इस लापरवाही लिए मेडिकल स्टाफ पर काफी नाराजगी व्यक्त करते हुए आपत्ति दर्ज की। इस पूरे मामले की जानकारी होते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। वहीं, इस बात की जानकारी, वैक्सीन लगवा चुकी महिला को हुई है,तो वह काफी भयभीत हो गई।
सीएचसी में कोविड वैक्सीनेशन के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा बरती गई इस बड़ी लापरवाही से नाराज महिला के पुत्र पंकज ने विभागीय अधिकारियों से पूरे मामले को फोन कर अवगत कराया है तो वही पीड़ित महिला राजकुमारी ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत कर कार्यवाही की मांग करते हुए भविष्य में किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट या दुष्परिणाम होने की पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होने की बात कही है। इस पूरे मामले के संबंध में जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना के अधीक्षक किसलय बाजपेई से बात की गई तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब न देकर फोन काट दिया वही जब हमने एसीएमओ डॉ स्वामी दयाल यादव से बात की तो उन्होंने कहा मामला संज्ञान में है वैक्सीन लगाने वाले स्वास्थ्यकर्मी को दोबारा ऐसा नही करने की सख्त हिदायत दी गयी है वहीं शिकायतकर्ता से भी बात की गई है,हमारे द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या इस प्रकरण में टीका लगवाने वाले को व्यक्ति को किसी दुष्प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है तब उन्होंने बताया कि अभी तक इस तरह का कोई भी मामला प्रकाश में नहीं आया है,लेकिन कुछ दिनों तक हल्के बुखार,छोटे दाने, खुजली ,उलझन आदि सामान्य लक्षण देखने को मिल सकते हैं जो चिकित्सक से सलाह लेकर ली गयी दवाओं से पूर्णतः ठीक हो जाते हैं।

