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सत्यबन्धु भारत,विजय नरायण शुक्ला
सिद्धौर बाराबंकी। आखिरकार 13 दिन बाद संगीत हत्या कांड के बाद धरना प्रदर्शन का मुख्य आरोपी दामोदर ने न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया। जबकि उसे पकड़ने के लिए पुलिस लगातार बाराबंकी न्यायालय के आस पास नजर बनाए हुए, ढूंढने में लगी थी, अन्ततः पुलिस को चकमा दे वह न्यायालय में समर्पण कर दिया और उसे ढूंढने में लगी पुलिस हाथ मलती रह गई।असंद्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत 9 जून को बीती रात कोठी थाना क्षेत्र के अरुई गांव निवासी दामोदर उर्फ सद्दाम अपनी पत्नी संगीता के साथ बाराबंकी से घर वापस लौट रहे थे। तभी सिद्धौर कैसरगंज मार्ग पर चांदा झील के पास संगीत की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।पति ने भाग कर किसी तरह जान बचाई। जिसके बाद दामोदर के भाई विशाल ने असंद्रा थाना में गांव के ही सोनू वर्मा महेंद्र कुमार वर्मा रंजीत वर्मा समेत चार अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें असंद्रा पुलिस में मुकदमा दर्ज कर नामित तीनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया। मामला संदिग्ध होने पर घटना की रात को ही संगीता के पति दामोदर को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। 9 जून को शव के पीएम से आने पर ग्रामीणों ने सिद्धौर कैसरगंज मार्ग जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों की मांग थी कि जब तक दामोदर को रिहा नहीं किया जाता तब तक हम लोग यहां से नहीं हटेंगे। देर शाम पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मृतका संगीता के पति दामोदर को धरना स्थल पर लाया गया। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस में मारपीट हो गई उसी का फायदा उठा सद्दाम मौके से फरार हो गया। उसके बाद से पुलिस लगातार दामोदर को ढूंढ रही थी। लेकिन वह पुलिस की पकड़ से दूर रहा। दामोदर की आत्मसमर्पण की खबर पुलिस को लगते ही लगभग 5 दिनों से पुलिस बाराबंकी न्यायालय के इर्द-गिर्द उसकी तलाश में घूम रही थी। अंततः उसने वकील का भेष धारण कर सीजीएम कोर्ट में सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया। वही ढूंढने में लगी पुलिस को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।

