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अनीमिया मुक्त भारत" मिशन को सफल बनाने के लिए एनीमिया के खिलाफ जागरूकता अभियान

 


न्यू कल्ली पश्चिम, पुलिस लाइन,  लखनऊ में, अभिनेत्री ,रंगमंच कलाकार व समाजसेविका डॉ. सीमा मोदी  महासचिव  सृजन शक्ति वेलफ़ेयर सोसाइटी , के तत्वावधान में "अनीमिया मुक्त भारत"  मिशन को सफल बनाने के लिए एनीमिया के खिलाफ जागरूकता अभियान,  व मानसिक स्वास्थ्य  सेवा , की कार्यशाला ,कोरोना के नियमो का पालन करते हुए कार्यक्रम आयोजित  किया जिसमे   कई महिलाएं शामिल रहीं ।  जिनका सेशन अलग अलग समयानुसार किया गया।



आर  के सिंह (आईएफएस) ,डॉ भूपेंद्र आयुर्वेदिक डॉक्टर

डॉ  ए के शुक्ला ret cmo)चित्रांगदा जी ( आईपीएस से नि)

डॉ प्रियंका सिंह, (स्त्री एवम प्रसूति रोग विशेषज्ञ )

श्री ए के शुक्ला ,सेवानिवृत्त डीएसपी

श्री नागेंद्र सिंह (सम्पादक वॉइस ऑफ मूवमेंट)

अरुण सिंह, दुर्गेश पांडेय, सौम्या मोदी

सूबेदार मेजर कल्ली पुलिस लाइन सुनील कुमार , श्री प्रकाश उपाध्याय,व अन्य महानुभव  मौजूद रहे

सांस्कृतिक ,सनाजिक  कार्यों में सक्रिय सृजन शक्ति वेलफ़ेयर सोसायटी विगत कई वर्षों से एनीमिया के खिलाफ जागरूकता अभियान स्कूल, कॉलेज व गाँवो में लड़कियों व महिलाओं के लिए चलाती है, और ये अभियान लगभग 50 हज़ार महिलाओं पुरुषों के पास पहुंच गया है।  इस अभियान को आगे दिशा देते हुए, न्यू पश्चिम  पुलिस लाइन में ट्रैनिंग कर रही कई महिला सिपाहियों को एनीमिया के खिलाफ जागरूकता  अभियान से जोड़ा । एनीमिया के कारण, निदान सम्बन्धित विषयो पर चर्चा  करते हुए डॉ. सीमा मोदी ने कहा  कि एनीमिया कोई बीमारी नही है लेकिन समय से जागरूक नही हुए तो बीमारी का कारण ज़रूर बन सकता है।


मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सेवानिवृत्त CMO श्री ए के शुक्ला ने कहा कि जागरूकता के अभाव में लड़कियों / महिलाओं में कुपोषण की समस्या पाई जाती है , चाहे उसका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हो या नही हो । 

  योग गुरु .ने खान-पान के तरीकों, दिनचर्या व  उपस्थित लोगों के प्रश्नों का उत्तर दिया । उन्होंने बताया कि योग के द्वारा कैसे खून की कमी दूर की जा सकती है -कुछ आसन, प्राणायाम और मुद्रा का अभ्यास करके एनीमिया को जड़ से दूर कीया जा सकता है । जैसे तितली आसन, मकर आसन, सुर्य नमस्कार के 1 या 2 चक्र इत्यादि ।  कपालभाति प्राणायाम, नाडी शोधन प्राणायम, भ्रामरी प्राणायाम वरुण मुद्रा इत्यादि । उन्होंने कहा कि शरीर के पाचन में जो भी इंटरनल ऑर्गन शामिल होते हैं, जैसे पेट, इंटेस्टाइन, किडनी, व लिवर इनको सक्रिय करने वाले अभ्यास करा कर एनीमिया को दूर किया जा सकता है ।


  स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रियंका सिंह   ने कहा कि आज भी पूरे देश मे लगभग 70 प्रतिशत महिलाओं  में खून की कमी पाई जाती है और पूरे विश्व मे 40 प्रतिशत। एनीमिक होने पर रोग प्रतिशोधक क्षमता कम हो जाती है । इसलिए खाने में फल और हरी सब्जियां बहुत ज़रूरी है । जंक फूड से दूर रहें। पेट मे कीड़े होने से खून नही बन पाता है ।इसलिए हर 6 महीने में कीड़े की दवा लेते रहना चाहिए । महिलाओं को एनीमिया से बचने के लिए सबसे पहले खुद को महत्व देना सीखना होगा । माहवारी के दौरान जल्दी-जल्दी या अधिक रक्तस्राव का होना एनीमिया को निमंत्रण देना है अत: ऐसी किसी भी समस्या का तुरंत इलाज कराए। साथही अनचाहा गर्भ रुकने पर महिलाएं अक्सर गर्भपात कराने को मजबूर होती है, जिसमें भी बहुत रक्तस्राव होता है। इसलिए सुरक्षित व नियमित गर्भनिरोधक का प्रयोग करें जिससे ऐसी किसी अनचाही, अपात स्थिति से बचा जा सके ।

सेवानिवृत्त आईपीएस चित्रांगद जी ने कहा की शारीरिक व्यायाम बहुत ज़रूरी है  खान पान का ध्यान रखना - हरी सब्जियों का उपयोग करना जैसे: पालक, सहजन, चौलाई इत्यादि ।  फलों में--सेब, अनार, अमरूद इत्यादि जरूर खाना चाहिए ।  अनीमिया के लक्ष्ण में चक्कर आना ,सांस फूलना , थकान महसूस होना आदि होता है । सही दिनचर्या ,अच्छा खान पान  इसका उपाय है ।

सूबेदार मेजर कल्ली पुलिस लाइन ने इस कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि  इस तरह का कार्यक्रम मौजूदा सामाजिक परिवेश महिलाओं के बेहतर जीवन के लिए बहुत आवश्यक होती है एनीमिया तथा उससे संबंधित जानकारी उनके बेहतर स्वस्थ शरीर तथा उनके परिवार को एक नई दिशा एवं ऊर्जा दे सकती है । इसलिए स्वास्थ्य से जुड़े इस प्रयास में हम हर स्तर पर  आपके साथ जन जागरण के उद्देश्य से सहयोग करने हेतु तैयार है । 

समाजसेवी व सेवानिवृत्त  डीएसपी श्री ए के शुक्ला   ने कहा ऐसे कार्यक्रम समाज को एक नई दिशा देने का कार्य करते है ।


मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रखे इसकी जानकारी  डॉ सीमा मोदी ने दी  मौजूदा हालात में मानसिक स्वास्थ्य मज़बूत रखने के लिए  आर्ट ऑफ लिविंग के तहत उन्होंने ध्यान करवाया।

.स्वस्तिक डायग्नोसिस  की तरफ से  महिलाओ का हीमोग्लोबिन टेस्ट किया गया ।।  सेनेट्री नैपकिन वितरण भी किया गया । और हर बार की तरह इस बार भी पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण भी किया गया ,जिसमे आंवला  जामुन व सहजन का पौधा लगाया गया।