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"दूषित जल को हटाना है, मलेरिया से सबको बचाना है।" देवीराम कौशिक द्वारा निर्जन गावँ में किया गया फीवर मास सर



जींद, हरियाणा (डॉ० कुलवीर बैनीवाल) :- आज 08 जून 2021 को  सब सेंटर निर्जन पर स्वास्थ्य सुपरवाइजर सुरेश कुमार की अगुवाई में घर घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा मलेरिया, डेंगू बुखार का सर्वे किया गया।जिसमें बुखार के मरीजो की ब्लड स्लाइड बनाई गई और मौके पर उचित उपचार दिया गया।स्वास्थ्य सुपरवाइजर सुरेश कुमार ने बताया कि जब भी ऋतु परिवर्तन होता है तो मच्छरों की संख्या भी बढ़ती है और उसी के साथ मलेरिया बुखार  के शिकार होने की संभावना भी बढ़ जाती है। मलेरिया रोग के मच्छर गन्दे पानी मे पैदा होते हैं।जोकि हमारे घरों के आस पास गन्दा पानी होने से इन मच्छरों से  मलेरिया की दस्तक घर-घर तक पहुँच जाती है। जरा-सी असावधानी इस रोग को पनपने की मुख्य वजह बनती है।।             स्वास्थ्य कार्यकर्ता देवीराम कौशिक ने मलेरिया के लक्षण बताते हुए कहा कि आमतौर पर संक्रमित मच्छर के काटने के 10 / 15  दिन के बाद मलेरिया बुखार के लक्षण दिखाई देते हैं। मौसम के बदलने पर यदि बुखार आ रहा है, सिर में दर्द है और कमजोरी लग रही है, तो लापरवाही न करें, तुरंत चिकित्सक की सलाह लें। हो सकता है ये छोटी-छोटी परेशानियाँ आगे चलकर मलेरिया बुखार  का रूप ले लें। मलेरिया बुखार  एक ऐसी बीमारी है जिससे सावधानियाँ रखकर ही बचा जा सकता है। मलेरिया एक प्रकार के परजीवी प्लाजमोडियम से फैलने वाला रोग है। जिसका वाहक मादा एनाफिलीज मच्छर होता है। जब संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है तो संक्रमण फैलने से उसमें मलेरिया के लक्षण दिखाई देने लगते है  इस बुखार में निम्न लक्षण दिखते हैं,

ठंड के साथ बुखार आना

सिददर्द होना 

उल्टी आ सकती है

कमर में दर्द होना,आंखों के पिछले हिस्से में बहुत दर्द होना।

 कमजोरी आना,

जहाँ तक हो पूरी बाजू के कपड़ों का प्रयोग करें

घर के अंदर और आस-पास कहीं पानी को जमा न होने दें।

घर के दरवाजे और खिड़कियों को जालियां लगाकर रखे।

टायर, डब्बे ,कूलर, पशुओ के लिए रखे पानी, गमले में रुके पानी को बदलते रहे और साफ़ करते रहना चाहिए।

खाली बर्तनों को खुले में न रखे उसे ढक कर रखे।

घर में सोते समय मच्छर दानी का प्रयोग करें।

घर में मच्छर भगाने वाले कॉयल , लिक्विड, इलेक्ट्रॉनिक बैट  आदि का इस्तेमाल करें ।  कौशिक ने बताया कि कुछ समय पूर्व टोमोफॉस युक्त मच्छरदानी प्रदान करने की मुहिम प्रारंभ की गई थी, जो अब भी जारी है। यह मच्छरदानी  छह महीने तक कारगर होती है।                       

इस मौके पर स्वास्थ्य कर्मी प्रमोद शर्मा,संजय ,देवीराम कौशिक,जयपाल,सौरव, सुमन,सुषमा व आशा वर्कर ओर ग्रामीण भतेरी, श्यामो, किताबो, बबली, मनोज,कपिल,राहुल इत्यादि मौजूद रहे।