सत्यबन्धु भारत, श्रवण शुक्ला
कोटवाधाम (बाराबंकी)। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ तराई क्षेत्र में बाढ़ की आशंका से ग्रामीण सहम उठे हैं। बताया जा रहा है कि बैराज से नदी में पौने दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण बाढ़ के आशंका से सहमे हुए हैं।
बढ़े जलस्तर से कराए गए परियोजना कार्य भी प्रभावित हुए हैं। इस पर तहसील प्रशासन का कहना है कि अभी बाढ़ के हालात नहीं हैं। उसके बाद भी नजर रखी जा रही है। सभी बाढ़ खंड के अधिकारियों को जलस्तर पर नजर बनाए रखने का निर्देश जारी किए गए हैं।पहाड़ी व मैदानी इलाकों में कई दिनों से तेज बारिश हो रही है। जिसकी वजह से विभिन्न बैराजों से 175 क्यूसेक पानी सरयू में छोड़ा गया है। जिसके कारण नदी उफान पर है। इससे कई गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। यहां के लोगों को जून में ही बाढ़ जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं। उधर नदी के बढ़े जलस्तर के चलते जगह-जगह कटान भी शुरू हो गयी है। सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के कहरानपुरवा, गोबरहा गांव के पास कटान देखी गयी है। जो जलस्तर कम होने पर इसकी रफ्तार तेज हो सकती है।
जून माह में बढ़ी नदी से यहां के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं पिछले दो साल से जिस प्रकार से सरयू नदी तबाही बरपा रही है उसी को देखते हुए सिरौलीगौसपुर तहसील में सरयू किनारे बसे गांव के लोग अपने और अपनों को बचाने के लिए इंतजाम करने लगे हैं। कहरानपुरवा गोबरहा, सनावा, तेलवारी विहाड, नव्वानपुरवा, इटहुवापूर्व, भैरवकोल भयकपुरवा, परसा, सहित दर्जनों गांव के लोग इस विभीषिका से हर साल बस्ते और उजड़ते हैं।
अब सरयू में फिर जलस्तर बढ़ने से और लगातार बारिश से यहां के लोगों को बाढ़ की आहट साफ सुनाई दे रही है। इसको लेकर पूरे तराई क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। लोगों ने अपना सामान व खुद को सुरक्षित करने के लिए उचित स्थान तलाशना शुरू कर दिया है। बुधवार सुबह से बढ़े जलस्तर से यहां के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।उधर बाढ़ खंड द्वारा कराया गया परियोजना का कार्य भी इस असमय बढ़े जलस्तर से प्रभावित हो रहा है। बाढ़ खंड के सभी जेई अपनी-अपनी साइट पर कराए गए कार्यों पर नजर रखे हुए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने भी कमर कस ली है।
इस संबंध में एसडीएम सिरौलीगौसपुर सुरेंद्र पाल विश्वकर्मा ने बताया कि सभी लेखपाल व राजस्व निरीक्षक को बाढ़ चौकी बनाने व सभी गांव पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है संभवत: बृहस्पतिवार से सभी की ड्यूटी नियुक्ति की जाएगी।
कटान के मुहाने पर कई गांव
तहसील सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में स्थित सरयू नदी की तलहटी में बसे कई गांव नदी के कटान के मुहाने पर बसे हुए हैं। कभी भी नदी इनको अपने आगोश में ले सकती है। हाल ही में कराई गई परियोजना का कार्य इन गांव को बचाने में ज्यादा कारगर साबित नहीं हो सकती है। अभी बरसात की सिर्फ एक बानगी ही धरती पर दिखाई पड़ी है तो तराई क्षेत्र के लोगों का यह हाल है।
आगे जब ज्यादा जलस्तर बरसात के साथ बढ़ेगा तब यहां के हालात बद से बदतर हो सकते हैं। कटान के मुहाने पर स्थित गांव कहरानपुरवा, गोबरहा, तेलवारी, भैरवकोल, मनीरामपुरवा, इटहुवापूर्व, नव्वानपुरवा, सनावा, विहड़, बाबूरी कुर्मिन टेपरा सहित अन्य गांव नदी की धार पर लटके हुए हैं। जब कटान शुरू होती है तो इस बार सबसे पहले यही सब गांव इसकी जद में आ सकते हैं।
खतरे के निशान से 64 सेमी. दूर
सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 64 सेमी दूर है। नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा था लेकिन शाम को नदी का पानी स्थिर हो गया था। कंट्रोल रुम के अनुसार नदी का पानी खतरे के निशान से 64 सेमी नीचे हैं लेकिन नदी का पानी अभी और बढ़ेगा इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।


