परमीशन कहीं और का खनन कहीं और, परमिशन के मानकों की उड़ रहीं धज्जियां
रात दिन दौड़ते खनन माफियाओं के वाहनों की बेकाबू रफ्तार से क्षेत्रवासियों में दहशत
सम्पर्क मार्ग हुए खराब,लोगो का चलना हुआ दुष्कर,कछौना क्षेत्र बना खनन माफियाओं के लिए गोल्डेन हब
रिपोर्ट-सी वी आज़ाद
कछौना/हरदोई योगीराज में भी खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं, हरदोई में खनन माफिया बहुतायत रूप से बिना परमीशन के खनन करते या परमीशन लेकर मानकों की अनदेखी कर समतल जमीनों को तालाब बनाते व राजस्व को चूना लगाते बहुतायात देखे जा सकते हैं। ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला हरदोई के कोतवाली क्षेत्र कछौना के टिकारी का जहाँ एक भट्ठे पर जेसीबी मशीन से खनन करके मिट्टी लाई जा रही है।परमीशन की आड़ में मानकों की अनदेखी कर अवैध रूप से हो रहे मिट्टी खनन का कार्य लगभग तीन सप्ताह से दिनरात जोरों पर चल रहा है। मजे की बात तो यह है कि सब कुछ पुलिस व प्रशासन के नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन प्रशासनिक अमला शांत बैठा हुआ है, यदि कोई मीडियाकर्मी अवैध खनन का कवरेज करने मौके पर पहुंचता है तो खनन माफियाओं द्वारा मीडियाकर्मियों को कवरेज करने से रोकने को दवाब बनाने की पूरी कोशिश की जाती है, वहीं यदि मीडियाकर्मी उच्चाधिकारियों को फोन पर अवगत कराएं तो खनन माफिया जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्राली सहित रफूचक्कर हो जाते हैं जिसके बाद मीडियाकर्मियों को इस कवरेज को प्रकाशित न करने को सिफारिशों का सिलसिला भी खूब चलता है,इस क्षेत्र के लोगो का कहना है कि अवैध खनन से किसान परेशान हैं। कुछ लोगो ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज भी कराई तो जांचकर्ताओं ने झूठी रिपोर्ट लगा दी। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होने के चलते एक ओर खनन माफियाओं के हौसले बुलंद है तो दूसरी ओर प्रशासनिक अमले द्वारा कोई भी कार्यवाही न करना भी प्रशासन की ईमानदार कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
शासन ने पूरे प्रदेश में अवैध रुप से हो रहे खनन पर रोक लगा रखी है। खनन के लिए शासन से आवश्यक दिशा निर्देश भी प्रशासनिक अमले को दिए गए हैं, इसके बाद भी कछौना क्षेत्र में पुलिस व तहसील प्रशासन की अनदेखी व मिली भगत के चलते मिट्टी खनन का कार्य बे रोक-टोक दिनदहाड़े खुलेआम हो रहा है। क्षेत्र के कुछ लोगों का कहना है कि इस बाबत तहसील व पुलिस प्रशासन से शिकायत भी की गई, लेकिन खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई होना तो दूर,किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर जाना भी उचित नही समझा। अवैध रूप से खनन के बाद लदी मिट्टी से ट्रॉली लेकर रोड पर चलने वाले ट्रैक्टर चालकों की रफ्तार इतनी तेज होती है कि अक्सर हादसे की संभावना बनी रहती है व कई बार इन खनन माफियाओं के बेकाबू वाहन जान भी ले चुके हैं,लेकिन ऐसा लगता है कि जिम्मेदार किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं। क्षेत्र के लोग रात दिन इन खनन माफियाओं के वाहन बेकाबू रफ्तार दौड़ने से दहशत व खौफ में जीने को मजबूर हैं
बताते चलें कि राजस्व, खनन व पुलिस के मजबूत गठजोड़ के चलते कोतवाली कछौना इलाके में अवैध मिट्टी खनन लंबे समय से एक कुटीर उद्योग बना हुआ है। पुलिस और विभागीय संरक्षण के चलते खनन माफिया रात के अंधेरे से लेकर दिन के उजाले तक बेखौफ होकर धरती का सीना चीरने से बाज नही आ रहे हैं। अवैध मिट्टी खनन के लिए इलाके के हरदासपुर, समोधा, सैदूपुर, उसरहा, बघुवामऊ, कटियामऊ, रैसों, लोनहारा, कछौना देहात, औद्योगिक क्षेत्र आदि उपयुक्त स्थान बने हुए हैं, जहाँ खनन माफिया बेखौफ होकर आये दिन जेसीबी, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व डंपरों के माध्यम से दिन-रात बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन का कार्य करते रहते हैं। ओवरलोडिंग डंपरों व ट्रैक्टर ट्रालीयों के आवागमन से क्षेत्र के कई संपर्क मार्ग खराब हो गए हैं, वहीं सड़क दुर्घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं और आम जनमानस द्वारा शिकायत पर पुलिस व प्रशासन द्वारा छिटपुट कार्यवाही कर पल्ला झाड़ लिया जाता है। खनन माफियाओं पर प्रभावी कार्यवाही न होने के कारण ही क्षेत्र में अवैध खनन पर अंकुश नहीं लग पाया है।
वहीं इस बाबत पूछे जाने पर उपजिलाधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि अब तक कहीं से अवैध खनन की शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर अवैध खनन में लिप्त लोगों के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस मामले को लेकर कोतवाली कछौना प्रभारी हंसमती ने परमीशन होने की बात कही, जबकि महोदया यह भूल गयी कि खनन अधिनियम के अंतर्गत जेसीबी से मिट्टी खोदने का कोई प्रावधान नहीं है फिर किस प्रकार मिट्टी खोदाई कार्य जेसीबी से हो रहा है, प्रभारी निरीक्षक के अनुसार इन खनन माफियाओं के पास खनन का आदेश हैं, तो शासन का कोई आदेश मीडियाकर्मियों को भी दिखाया या दिया जाए।अब देखने वाली बात तो यह होगी कि खबर प्रसारण के बाद जिम्मेदार इन खनन माफियाओं पर कोई प्रभावी कार्यवाही करेंगे या यू ही समतल जमीने खनन माफियाओं द्वारा अवैध खनन करके तालाब बनाई जाती रहेंगी?

