लखनऊ। यदि आपके घर स्मार्ट मीटर लगा है तो अलर्ट हो जाइए। बिजली बिल की रकम एक हजार रुपये से अधिक हो तो देय तारीख तक भुगतान कर दें, नहीं तो कनेक्शन काटने की तारीख पर घर में अंधेरा छा जाएगा। वहीं, दोबारा बिजली चालू कराने के लिए बिल भरने के साथ 100 रुपये अलग से कनेक्शन काटने और जोड़ने के लिए देने पड़ेंगे। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के नए आदेश के पहले दिन शनिवार को ऐसे 5500 बकायेदारों की बिजली काट दी गई।
नई व्यवस्था से स्मार्ट मीटर से बिजली जला रहे लगभग दो लाख उपभोक्ता प्रभावित होंगे। इनका हर महीने ऑनलाइन ही बिल बनता है और मोबाइल पर रकम जमा करने का मेसेज पहुंच जाता है। खास बात यह है कि एसडीओ एवं जेई अपने ऑफि स में बैठे-बैठे ही ऑनलाइन सिस्टम से कमांड देकर इन उपभोक्ताओं की स्मार्ट मीटर के जरिये बिजली काट देते हैं।
जिन 5500 बकायेदारों की बिजली काटी गई, उनमें से अधिकतर मई का बिल भर चुके थे, पर जून में मेसेज मिलने के बाद भी बिल नहीं जमा किया था। इसकी अंतिम तारीख 17 एवं 18 जून थी। सबसे ज्यादा सेस खंड प्रथम के 1081, चिनहट के 600, बीकेटी के 550, गोमतीनगर के 162, हुसैनगंज के 155 और अन्य में 100 से लेकर 50 उपभोक्ताओं की बिजली काटी गई।
कई उपकेंद्र पर लोगों ने किया हंगामा
हुसैनगंज, चौक, ठाकुरगंज खंडीय इलाके में सुबह 11 बजे के बाद से बकायेदारों की बिजली कटने का सिलसिला शुरू हुआ। पहले तो लोगों को लगा कि बत्ती गुल हुई है, लेकिन जब पड़ोसी के घर उजाला देखा तो माथा ठनका। ऐसे उपभोक्ता उपकेंद्र पहुंचे और हंगामा किया। हुसैनगंज उपकेंद्र आए लालकुआं के संजय अग्रवाल ने बताया कि महज जून का 2213 रुपये का बिल देय तारीख पर जमा नहीं कर पाए तो कनेक्शन काट दिया। हंगामा बढ़ने पर अधिकारी किनारा कस लिए। अधिशासी अभियंता आदर्श कौशल ने बताया कि एसडीओ के साथ उपकेंद्र पहुंचकर उपभोक्ताओं की समस्या सुनी गई।
नादान महल रोड उपकेंद्र के जेई दिनेश कुुमार को निलंबित करने के विरोध में साथी जेई एवं प्रमोटी एसडीओ शुक्रवार से लेसा भवन परिसर स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय के समक्ष धरना दे रहे हैं। जेई संगठन के सिस जोन कमेटी के अध्यक्ष विवेक तिवारी एवं मंडल अध्यक्ष उज्जवल झा ने बताया कि जब तक दिनेश की बहाली नहीं होगी धरना चलेगा। हालांकि, बिजली सप्लाई में रुकावट दूर की जा रही है।
देय तारीख तक भर दें बिल
प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम सूर्यपाल गंगवार का कहना है कि उपभोक्ता बिल या मेसेज मिलने के बाद देय तारीख तक राशि जमा कर दें। ऐसा न करने पर स्मार्ट मीटर एवं गैर स्मार्ट मीटर धारक उपभोक्ताओं की बिजली काट दी जाएगी।

